मौलाना की टिप्पणी पर लखनऊ में 'पोस्टर वॉर' तेज, प्रदर्शन का ऐलान
Poster war Intensifies in Lucknow over Maulana's Remarks
-मौलाना अब्दुल्ला सलीम की विवादित टिप्पणी पर राजधानी में गहराया विरोध का स्वर
-भाजपा कार्यालय और हजरतगंज समेत कई जगह लगे पोस्टर, पुलिस ने हटवाए
-11 मार्च को गांधी पार्क हजरतगंज में विशाल प्रदर्शन का किया गया आह्वान
लखनऊ, 10 मार्च। Poster war Intensifies in Lucknow over Maulana's Remarks: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनकी मां और गाय को लेकर बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम की अभद्र टिप्पणी के विरोध में राजधानी लखनऊ में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। प्रदेश में अब तक 84 से अधिक जगहों पर मौलाना के खिलाफ मामले दर्ज हो चुके हैं। मंगलवार को परिवर्तन चौक, हजरतगंज और भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने मौलाना के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों में 11 मार्च को हजरतगंज चौराहे स्थित गांधी पार्क में विशाल प्रदर्शन की घोषणा की गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटवा दिए।
राजधानी के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए पोस्टर
मंगलवार सुबह शहर के प्रमुख इलाकों-परिवर्तन चौक, हजरतगंज और भाजपा प्रदेश कार्यालय के आसपास कई स्थानों पर विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में मौलाना अब्दुल्ला सलीम की टिप्पणी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन की जानकारी दी गई थी। पोस्टर में मौलाना की शक्ल एक जानवर की दिखायी गई है और उसमें कुछ दिन तो गुजारो उत्तर प्रदेश में समेत तमाम तरह के विवादास्पद नारे लिखे हैं। ये पोस्टर्स राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गए हैं।
पार्षद स्वदेश सिंह का नाम आया सामने
जानकारी के अनुसार, ये पोस्टर कवि जयशंकर प्रसाद वार्ड संख्या-49 के पार्षद स्वदेश सिंह की ओर से लगवाए गए हैं। पोस्टरों में मौलाना के बयान की निंदा करते हुए बुधवार 11 मार्च को गांधी पार्क, हजरतगंज में विशाल प्रदर्शन में सहभागिता का आह्वान किया गया है।
पुलिस ने तुरंत हटवाए पोस्टर
पोस्टर लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी पोस्टर हटवा दिए। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति पोस्टर नहीं लगाए जा सकते।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
राजधानी में लगे इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा की जा रही हैं। मौलाना की टिप्पणी और उसके विरोध में लगाए गए पोस्टरों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, 11 मार्च को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है।